आपके अधिकार
क्या कंपनी को सामान की वारंटी निभानी होगी?
छोटा जवाब
हां। निर्माता या विक्रेता को वारंटी की शर्तें निभानी होंगी। वारंटी निभाने से मना करना सेवा में कमी है। आप उपभोक्ता फ़ोरम के ज़रिए मरम्मत, सामान बदलने या रिफ़ंड का दावा कर सकते हैं।
मामले को समझें
जब किसी सामान के साथ वारंटी मिलती है, तो निर्माता या विक्रेता उसे निभाने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत वारंटी निभाने से मना करना सेवा में कमी है। वारंटी अवधि में आप मुफ़्त मरम्मत, खराब पुर्ज़े बदलवाने, या खराबी ठीक न हो सके तो पूरा सामान बदलवाने के हकदार हैं। ज़रूरी बातें: स्टिकर हटाने जैसे छोटे कारणों से वारंटी रद्द नहीं की जा सकती; वारंटी निर्माण की खामियों को कवर करती है, इस्तेमाल करने वाले की गलती से हुए नुकसान को नहीं; एक्सटेंडेड वारंटी वैकल्पिक है और सामान्य वारंटी से अलग है; अपना वारंटी कार्ड, बिल और सारी बातचीत सबूत के तौर पर रखें। अगर वारंटी सेवा से मना किया जाए, तो मरम्मत का खर्च, सामान बदलने या रिफ़ंड के साथ मुआवज़े का दावा करते हुए उपभोक्ता शिकायत दर्ज करें।
लागू कानून
- उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम — धारा 2(9) (उपभोक्ता अधिकार)
- माल विक्रय अधिनियम — धारा 16 (निहित वारंटी)