आपके अधिकार
क्या मकान मालिक जब चाहे किराया बढ़ा सकता है?
छोटा जवाब
नहीं। किराया सिर्फ़ लीज़ एग्रीमेंट की शर्तों के अनुसार बढ़ाया जा सकता है। किराया-नियंत्रित इलाकों में बढ़ोतरी आमतौर पर हर साल 5-10% तक सीमित होती है। मकान मालिक मनमाने ढंग से किराया नहीं बढ़ा सकता।
मामले को समझें
मकान मालिक मनमाने ढंग से किराया नहीं बढ़ा सकता। नियम आपकी स्थिति पर निर्भर करते हैं: अगर आपके पास लिखित लीज़ एग्रीमेंट है, तो किराया सिर्फ़ उसमें लिखी शर्तों के अनुसार (आमतौर पर रिन्यूअल के समय) बढ़ाया जा सकता है। राज्य किराया नियंत्रण अधिनियमों के दायरे वाले इलाकों में किराया बढ़ोतरी सख्ती से नियंत्रित है और आमतौर पर हर साल 5-10% तक सीमित है। किराया-नियंत्रण से बाहर के इलाकों में भी मकान मालिक को किराया बढ़ाने से पहले उचित नोटिस देना होगा। अगर बढ़ोतरी अनुचित है या एग्रीमेंट के अनुसार नहीं है, तो आप मना कर सकते हैं, और मकान मालिक अदालत के आदेश के बिना आपको नहीं निकाल सकता। मॉडल किरायेदारी अधिनियम 2021 के तहत किराये में बदलाव तय शर्तों के अनुसार ही होना चाहिए।
लागू कानून
- राज्य किराया नियंत्रण अधिनियम — किराया बढ़ोतरी के प्रावधान
- मॉडल किरायेदारी अधिनियम, 2021
- भारतीय संविदा अधिनियम — अनुबंध से जुड़े दायित्व