आपके अधिकार
क्या ऑनलाइन मानहानि पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है?
छोटा जवाब
हां। ऑनलाइन मानहानि BNS धारा 356 के तहत दंडनीय (आपराधिक) है और आप हर्जाने के लिए दीवानी मुकदमा भी दायर कर सकते हैं।
मामले को समझें
सोशल मीडिया, वेबसाइट या किसी भी ऑनलाइन प्लैटफ़ॉर्म पर मानहानि पर आपराधिक अपराध और दीवानी गलती, दोनों के रूप में कार्रवाई की जा सकती है। BNS धारा 356 के तहत आपराधिक मानहानि पर 2 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। आप अपनी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान के लिए हर्जाने (आर्थिक मुआवज़े) का दीवानी मुकदमा भी दायर कर सकते हैं। IT एक्ट धारा 79 और मध्यस्थ दिशानिर्देश नियम 2021 के तहत, अदालत के आदेश पर या शिकायत तंत्र के ज़रिए रिपोर्ट किए जाने पर सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म को मानहानिकारक कंटेंट हटाना होता है। अपना केस मज़बूत करने के लिए: (1) टाइमस्टैम्प के साथ स्क्रीनशॉट लें, (2) मानहानिकारक पोस्ट के URL सहेजें, (3) प्लैटफ़ॉर्म के शिकायत अधिकारी से शिकायत करें, (4) साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन या cybercrime.gov.in पर एफआईआर दर्ज करें।
लागू कानून
- BNS धारा 356 (मानहानि)
- IT एक्ट — धारा 79 (मध्यस्थ की ज़िम्मेदारी)
- दीवानी मानहानि (टॉर्ट कानून)