आपके अधिकार
भारत में साइबर अपराध की रिपोर्ट कैसे करें?
छोटा जवाब
1930 (साइबर क्राइम हेल्पलाइन) पर कॉल करें, cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें, और नज़दीकी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करें। रकम वापस मिलने की सबसे अच्छी संभावना के लिए गोल्डन आवर के भीतर रिपोर्ट करें।
मामले को समझें
भारत में साइबर अपराध की रिपोर्ट करने के कई रास्ते हैं। सबसे तेज़ तरीका 1930 — राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन — पर कॉल करना है, खासकर वित्तीय धोखाधड़ी में, जहां जल्दी कार्रवाई से लेन-देन फ़्रीज़ हो सकता है। इसके बाद cybercrime.gov.in पर विस्तृत शिकायत दर्ज करें — यह आधिकारिक राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल है, जहां आप धोखाधड़ी, साइबर बुलिंग, बाल शोषण और दूसरे साइबर अपराधों की रिपोर्ट कर सकते हैं। आप अपनी शिकायत की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं। साथ ही, नज़दीकी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करें — हर स्टेशन को आपकी ज़ीरो एफआईआर लेनी होगी। कार्यस्थल से जुड़े ऑनलाइन यौन उत्पीड़न के लिए shebox.nic.in इस्तेमाल करें। सोशल मीडिया से जुड़ी शिकायतों के लिए सीधे प्लैटफ़ॉर्म पर भी रिपोर्ट करें (Instagram, Facebook, Twitter सभी में रिपोर्टिंग की सुविधा है)। RBI से जुड़ी बैंकिंग धोखाधड़ी के लिए cms.rbi.org.in पर भी शिकायत करें। रिपोर्ट करने से पहले हमेशा सबूत सुरक्षित रखें: मैसेज के स्क्रीनशॉट लें, URL सहेजें, समय नोट करें और बैंक लेन-देन के रिकॉर्ड रखें। ठग के साथ हुई कोई भी बातचीत डिलीट न करें।
लागू कानून
- IT एक्ट धारा 66 — कंप्यूटर से जुड़े अपराध
- IT एक्ट धारा 66C — पहचान की चोरी
- IT एक्ट धारा 66D — वेश बदलकर धोखाधड़ी
- IT एक्ट धारा 67 — अश्लील सामग्री प्रकाशित करना
- BNSS धारा 173 — संज्ञेय अपराधों के लिए एफआईआर