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आपके अधिकार

क्या किसी भी धर्म का स्वतंत्र रूप से पालन किया जा सकता है?

छोटा जवाब

हां। अनुच्छेद 25 अंतरात्मा की स्वतंत्रता और धर्म को मानने, उसका पालन करने और प्रचार करने के अधिकार की गारंटी देता है।

मामले को समझें

संविधान का अनुच्छेद 25 हर व्यक्ति को अंतरात्मा की स्वतंत्रता और धर्म को स्वतंत्र रूप से मानने, उसका पालन करने और प्रचार करने के अधिकार की गारंटी देता है। इसमें अपनी पसंद का कोई भी धर्म अपनाने, धार्मिक अनुष्ठान करने और अपनी धार्मिक मान्यताएं दूसरों के साथ साझा करने का अधिकार शामिल है। अनुच्छेद 26 धार्मिक संप्रदायों को अपने धार्मिक मामलों का प्रबंधन करने, संपत्ति रखने और उसका प्रशासन करने का अधिकार देता है। अनुच्छेद 28 पूरी तरह सरकारी पैसे से चलने वाले शिक्षण संस्थानों में धार्मिक शिक्षा पर रोक लगाता है। लेकिन ये अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के अधीन हैं। राज्य धार्मिक प्रथाओं से जुड़ी आर्थिक, वित्तीय या राजनीतिक गतिविधियों को नियंत्रित कर सकता है और सामाजिक कल्याण और सुधार के लिए कानून बना सकता है।

लागू कानून

  • अनुच्छेद 25 (अंतरात्मा और धर्म की स्वतंत्रता)
  • अनुच्छेद 26 (धार्मिक मामलों के प्रबंधन की स्वतंत्रता)
  • अनुच्छेद 28 (सरकारी पैसे से चलने वाले संस्थानों में धार्मिक शिक्षा से स्वतंत्रता)