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आपके अधिकार

क्या मेरी निजता मौलिक अधिकार है?

छोटा जवाब

हां। पुट्टस्वामी केस में सुप्रीम कोर्ट ने निजता को अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार घोषित किया।

मामले को समझें

ऐतिहासिक K.S. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ (2017) फ़ैसले में, सुप्रीम कोर्ट की नौ जजों की पीठ ने सर्वसम्मति से माना कि निजता का अधिकार अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) के तहत संरक्षित मौलिक अधिकार है। इस अधिकार में सूचना से जुड़ी निजता (निजी डेटा पर नियंत्रण), शारीरिक स्वायत्तता (अपने शरीर से जुड़े फ़ैसले), निर्णय की निजता (परिवार, शादी आदि से जुड़े निजी फ़ैसले) और स्थान की निजता (निजी जगहों की सुरक्षा) शामिल हैं। डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 अब डेटा निजता के लिए कानूनी ढांचा देता है। आपकी निजता का उल्लंघन करने वाली किसी भी सरकारी कार्रवाई या निजी संस्था को वैधता, आवश्यकता और आनुपातिकता की कसौटी पर खरा उतरना होगा।

लागू कानून

  • अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार)
  • K.S. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ (2017) — निजता मौलिक अधिकार के रूप में
  • डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023