आपके अधिकार
क्या पुलिस बिना वारंट घर की तलाशी ले सकती है?
छोटा जवाब
आमतौर पर नहीं। आपके घर की तलाशी के लिए पुलिस को मजिस्ट्रेट से सर्च वारंट चाहिए, आपात स्थितियों के कुछ सीमित अपवादों को छोड़कर।
मामले को समझें
BNSS धारा 96 के तहत, आपके परिसर की तलाशी के लिए पुलिस को मजिस्ट्रेट से लिखित सर्च वारंट चाहिए। लेकिन कुछ अपवाद हैं: अगर पुलिस अधिकारी के पास यह मानने का उचित आधार है कि वारंट मिलने से पहले सबूत नष्ट हो जाएंगे, तो वह BNSS धारा 185 के तहत बिना वारंट तलाशी ले सकता है। तब भी अधिकारी को कारण लिखित में दर्ज करने होंगे और उसकी कॉपी मजिस्ट्रेट को भेजनी होगी। तलाशी के दौरान, आपको इलाके के दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी का अधिकार है। पुलिस को ज़ब्त की गई सभी चीज़ों की तलाशी सूची (पंचनामा) बनानी होगी और उसकी कॉपी आपको देनी होगी। अगर पुलिस उचित अधिकार के बिना गैरकानूनी तलाशी लेती है, तो आप पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर सकते हैं या अदालत जा सकते हैं। गैरकानूनी तलाशी से मिले किसी भी सबूत को अदालत में चुनौती दी जा सकती है।
लागू कानून
- BNSS धारा 96 — मजिस्ट्रेट द्वारा सर्च वारंट
- BNSS धारा 185 — आपात मामलों में बिना वारंट तलाशी
- BNSS धारा 103 — गवाहों की मौजूदगी में तलाशी
- अनुच्छेद 21 — निजता का अधिकार (मौलिक अधिकार)