आपके अधिकार
अगर गलती से OTP बता दिया तो क्या मैं ज़िम्मेदार हूँ?
छोटा जवाब
अगर बैंक आपके खाते की सुरक्षा करने में नाकाम रहता है तो बैंक ज़िम्मेदार है। RBI सर्कुलर के तहत पूरी रकम वापस पाने के लिए 3 दिन के भीतर बैंक को सूचना दें।
मामले को समझें
अगर आपने सोशल इंजीनियरिंग धोखाधड़ी (कोई बैंक अधिकारी, डिलीवरी एग्ज़ीक्यूटिव आदि बनकर) की वजह से अपना OTP साझा कर दिया, तो ग्राहकों की देनदारी सीमित करने पर RBI सर्कुलर (2017) आपको सुरक्षा देता है। अगर आप 3 कामकाजी दिनों के भीतर अनधिकृत लेन-देन की सूचना देते हैं, तो आपकी देनदारी शून्य है और बैंक को रकम लौटानी होगी। 4-7 दिनों के भीतर सूचना देने पर आपकी देनदारी अधिकतम Rs. 25,000 तक सीमित है। 7 दिनों के बाद देनदारी बैंक की नीति के अनुसार होती है। बैंक को शिकायत मिलने के 10 कामकाजी दिनों के भीतर विवादित रकम खाते में जमा करनी होगी और 90 दिनों के भीतर जांच पूरी करनी होगी। शिकायत यहां दर्ज करें: (1) बैंक का कस्टमर केयर, (2) बैंक का नोडल अधिकारी, (3) समाधान न होने पर cms.rbi.org.in पर RBI लोकपाल। IT एक्ट धारा 66C (पहचान की चोरी) और 66D (वेश बदलकर धोखाधड़ी) के तहत साइबर क्राइम शिकायत भी दर्ज करें।
लागू कानून
- अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेन-देन में ग्राहकों की देनदारी सीमित करने पर RBI सर्कुलर (2017)
- IT एक्ट — धारा 66C (पहचान की चोरी) / धारा 66D (वेश बदलकर धोखाधड़ी)
- उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019