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क्या पुलिस के सामने किया गया कबूलनामा अदालत में मान्य है?

छोटा जवाब

नहीं। BSA धारा 23 के तहत पुलिस अधिकारी के सामने किया गया कबूलनामा अदालत में सबूत के तौर पर मान्य नहीं है। सिर्फ़ मजिस्ट्रेट के सामने किया गया कबूलनामा मान्य है।

मामले को समझें

BSA धारा 23 (पहले भारतीय साक्ष्य अधिनियम धारा 25) के तहत, पुलिस अधिकारी के सामने किया गया कोई भी कबूलनामा अदालत में मान्य नहीं है। यह सुरक्षा इसलिए है ताकि पुलिस ज़ोर-ज़बरदस्ती या यातना से कबूलनामा न करवाए। BSA धारा 23(2) आगे कहती है कि पुलिस हिरासत में किया गया कबूलनामा भी तब तक मान्य नहीं है, जब तक वह मजिस्ट्रेट की सीधी मौजूदगी में न किया गया हो। सिर्फ़ BNSS धारा 183 के तहत मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज कबूलनामा मान्य है, जो यह सुनिश्चित करने के बाद दर्ज होता है कि वह स्वैच्छिक है और आरोपी को चेतावनी दी गई है कि वह कबूल करने के लिए बाध्य नहीं है। यह सोचकर पुलिस के सामने कभी कबूल न करें कि इससे मदद मिलेगी — हमेशा पहले वकील से सलाह लें।

लागू कानून

  • BSA धारा 23 — पुलिस अधिकारी के सामने कबूलनामा मान्य नहीं
  • BSA धारा 23(2) — पुलिस हिरासत में कबूलनामा