आपके अधिकार
क्या अस्पताल आपातकालीन इलाज से मना कर सकता है?
छोटा जवाब
नहीं। हर अस्पताल को भुगतान की परवाह किए बिना आपातकालीन इलाज देना ज़रूरी है।
मामले को समझें
हर अस्पताल — सरकारी हो या निजी — गंभीर हालत में लाए गए किसी भी व्यक्ति को आपातकालीन इलाज देने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है। वे आपातकालीन इलाज से पहले भुगतान की मांग नहीं कर सकते। आपात स्थिति में इलाज से मना करना आपराधिक अपराध है। हालत स्थिर होने के बाद मरीज़ को दूसरी जगह भेजा जा सकता है या बिल पर बात हो सकती है।
लागू कानून
- अनुच्छेद 21 — जीवन के अधिकार में स्वास्थ्य का अधिकार शामिल है
- क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट अधिनियम, 2010
- पं. परमानंद कटारा बनाम भारत संघ (1989) में सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला