आपके अधिकार
क्या मैं पति से भरण-पोषण मांग सकती हूँ?
छोटा जवाब
हां। पत्नी BNSS धारा 144, हिंदू विवाह अधिनियम धारा 24 या DV एक्ट धारा 20 के तहत भरण-पोषण मांग सकती है। राशि पति की आय और पत्नी की ज़रूरतों पर निर्भर करती है।
मामले को समझें
भारतीय कानून में पत्नी के लिए भरण-पोषण मांगने के कई रास्ते हैं। BNSS धारा 144 के तहत, जो पत्नी अपना भरण-पोषण खुद नहीं कर सकती, वह मजिस्ट्रेट की अदालत के ज़रिए पति से भरण-पोषण मांग सकती है — यह सबसे तेज़ उपाय है। हिंदू विवाह अधिनियम धारा 24 के तहत, आप तलाक की कार्यवाही के दौरान अंतरिम भरण-पोषण मांग सकती हैं। घरेलू हिंसा अधिनियम धारा 20 भरण-पोषण सहित आर्थिक राहत मांगने की अनुमति देता है। अदालतें पति की आय, पत्नी की ज़रूरतें, बच्चों की ज़रूरतें, जीवन स्तर और उचित खर्च जैसे पहलुओं पर विचार करती हैं। कामकाजी पत्नी भी भरण-पोषण मांग सकती है, अगर उसकी आय पति के जीवन स्तर की तुलना में कम है।
लागू कानून
- BNSS धारा 144 — पत्नी, बच्चों और माता-पिता के भरण-पोषण का आदेश
- हिंदू विवाह अधिनियम — धारा 24 (मुकदमे के दौरान भरण-पोषण)
- घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम — धारा 20 (आर्थिक राहत)