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आपके अधिकार

मुफ़्त कानूनी सहायता किसे मिल सकती है?

छोटा जवाब

मुफ़्त कानूनी सहायता महिलाओं, बच्चों, SC/ST, दिव्यांगों, औद्योगिक मज़दूरों, हिरासत में रखे लोगों, आपदा पीड़ितों और सालाना Rs. 3 लाख से कम कमाने वाले किसी भी व्यक्ति को मिलती है।

मामले को समझें

विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम की धारा 12 और संविधान के अनुच्छेद 39A के तहत, मुफ़्त कानूनी सहायता इन्हें मिलती है: (1) महिलाएं और बच्चे, (2) SC/ST समुदायों के सदस्य, (3) औद्योगिक मज़दूर, (4) दिव्यांग व्यक्ति, (5) हिरासत में रखे व्यक्ति, जिनमें विचाराधीन कैदी भी शामिल हैं, (6) सामूहिक आपदा, जातीय हिंसा, जातिगत अत्याचार, बाढ़, सूखा, भूकंप या औद्योगिक आपदा के पीड़ित, (7) मानव तस्करी के पीड़ित, (8) जिनकी सालाना आय Rs. 3 लाख से ज़्यादा नहीं है (राशि राज्य के अनुसार बदलती है — कुछ राज्यों में सीमा ज़्यादा है)। अपने नज़दीकी ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) या तालुका विधिक सेवा समिति से संपर्क करें। NALSA हर कोर्ट परिसर में फ्रंट ऑफ़िस के ज़रिए भी कानूनी सहायता देता है। लोक अदालतें विवादों का मुफ़्त समाधान करती हैं।

लागू कानून

  • विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम — धारा 12 (कानूनी सेवाएं देने के मानदंड)
  • अनुच्छेद 39A (समान न्याय और मुफ़्त कानूनी सहायता)
  • NALSA (मुफ़्त और सक्षम विधिक सेवाएं) विनियम