आपके अधिकार
क्या पुलिस को बताना होगा कि मुझे क्यों गिरफ़्तार किया जा रहा है?
छोटा जवाब
हां। पुलिस को गिरफ़्तारी का आधार तुरंत बताना होगा। यह संवैधानिक अधिकार है।
मामले को समझें
संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत, गिरफ़्तार किए गए हर व्यक्ति को जल्द से जल्द गिरफ़्तारी का आधार जानने का अधिकार है। BNSS धारा 47 भी कहती है कि गिरफ़्तार करने वाले पुलिस अधिकारी को उस अपराध का पूरा ब्योरा बताना होगा, जिसके लिए व्यक्ति को गिरफ़्तार किया जा रहा है। ऐसा न करने पर गिरफ़्तारी गैरकानूनी हो जाती है। अगर आपको गिरफ़्तारी का कारण नहीं बताया गया, तो आप मजिस्ट्रेट के सामने गिरफ़्तारी की वैधता को चुनौती दे सकते हैं या हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण (habeas corpus) याचिका दायर कर सकते हैं। यह मनमानी हिरासत के खिलाफ सबसे बुनियादी सुरक्षाओं में से एक है।
लागू कानून
- अनुच्छेद 22(1) — गिरफ़्तारी का आधार जानने का अधिकार
- BNSS धारा 36 — गिरफ़्तारी की प्रक्रिया