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आपके अधिकार

क्या लिंग के आधार पर एक जैसे काम के लिए मुझे कम वेतन दिया जा सकता है?

छोटा जवाब

नहीं। समान पारिश्रमिक अधिनियम लिंग की परवाह किए बिना समान काम के लिए समान वेतन अनिवार्य करता है। नियोक्ता भर्ती, वेतन या कामकाजी शर्तों में भेदभाव नहीं कर सकता।

मामले को समझें

समान पारिश्रमिक अधिनियम और वेतन संहिता धारा 3 लिंग के आधार पर वेतन में भेदभाव पर रोक लगाते हैं। नियोक्ता को एक जैसे या मिलते-जुलते काम के लिए पुरुषों और महिलाओं को बराबर पारिश्रमिक देना होगा। इसमें बेसिक वेतन, भत्ते और सभी दूसरे लाभ शामिल हैं। कानून भर्ती, प्रशिक्षण, पदोन्नति और सेवा शर्तों में भी भेदभाव पर रोक लगाता है। संविधान का अनुच्छेद 39(d) राज्य को पुरुषों और महिलाओं, दोनों के लिए समान काम के लिए समान वेतन सुनिश्चित करने का निर्देश देता है। अगर आपको एक जैसे काम के लिए विपरीत लिंग के सहकर्मी से कम वेतन मिल रहा है, तो श्रम आयुक्त के पास शिकायत दर्ज करें या श्रम न्यायालय जाएं। नियोक्ता पर जुर्माना और जेल सहित दंड लग सकता है।

लागू कानून

  • समान पारिश्रमिक अधिनियम — धारा 4 (समान वेतन)
  • वेतन संहिता — धारा 3
  • अनुच्छेद 39(d) — समान काम के लिए समान वेतन