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आपके अधिकार

क्या DV केस के दौरान मैं साझा घर में रह सकती हूं?

छोटा जवाब

हां। घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत आपको साझा घर में रहने का अधिकार है, भले ही घर आपके नाम पर हो या न हो।

मामले को समझें

घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 17 घरेलू रिश्ते में रहने वाली हर महिला को साझा घर में रहने का अधिकार देती है, चाहे उस पर उसका मालिकाना हक़ हो या न हो। अदालत धारा 19 के तहत निवास आदेश देकर आपको साझा घर से निकाले जाने या बाहर रखे जाने से रोक सकती है। प्रतिवादी को आपको बेदख़ल करने, आपके कब्ज़े में बाधा डालने, या साझा घर के उस हिस्से में घुसने से भी रोका जा सकता है जहां आप रहती हैं। ज़रूरत हो तो अदालत प्रतिवादी को आपके लिए दूसरे घर की व्यवस्था करने का निर्देश भी दे सकती है। यह अधिकार तब भी है जब संपत्ति सिर्फ़ पति या उसके रिश्तेदारों के नाम पर हो।

लागू कानून

  • घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम — धारा 17 (साझा घर में रहने का अधिकार)
  • घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम — धारा 19 (निवास आदेश)