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आपके अधिकार

क्या मैं क्रूरता के आधार पर तलाक के लिए आवेदन कर सकती/सकता हूं?

छोटा जवाब

हां। हिंदू विवाह अधिनियम और दूसरे व्यक्तिगत कानूनों के तहत मानसिक या शारीरिक क्रूरता तलाक का वैध आधार है।

मामले को समझें

हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13(1)(ia) और विशेष विवाह अधिनियम की धारा 27(1)(d) के तहत क्रूरता — शारीरिक और मानसिक दोनों — तलाक का मान्य आधार है। क्रूरता में शारीरिक दुर्व्यवहार, गाली-गलौज, दहेज उत्पीड़न, छोड़ देना, वैवाहिक संबंधों से इनकार, झूठे आरोप, लगातार अपमान, और ऐसा कोई भी व्यवहार शामिल है जिससे साथ रहना असंभव हो जाए। मानसिक क्रूरता का आकलन सभी परिस्थितियों और पीड़ित पति/पत्नी के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़े असर के आधार पर होता है। अगर आप सोचने के लिए समय चाहते हैं तो पहले न्यायिक पृथक्करण (judicial separation) के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। अदालतें आम तौर पर तलाक देने से पहले सुलह के लिए समय देती हैं।

लागू कानून

  • हिंदू विवाह अधिनियम — धारा 13(1)(ia) (तलाक के आधार के रूप में क्रूरता)
  • विशेष विवाह अधिनियम — धारा 27(1)(d) (क्रूरता)