आपके अधिकार
क्या मैं बिना वकील के उपभोक्ता केस लड़ सकता हूँ?
छोटा जवाब
हां। उपभोक्ता फ़ोरम खुद अपना पक्ष रखने के लिए ही बनाए गए हैं। वकील की ज़रूरत नहीं है। शिकायत फ़ीस बहुत कम है। प्रक्रिया सामान्य अदालतों से आसान है।
मामले को समझें
उपभोक्ता फ़ोरम (जिन्हें अब उपभोक्ता आयोग कहा जाता है) खास तौर पर उपभोक्ताओं के लिए आसान बनाए गए हैं और आप बिना वकील के खुद अपना पक्ष रख सकते हैं। प्रक्रिया सामान्य अदालतों से काफ़ी आसान है। शिकायत फ़ीस बहुत कम है: ₹5 लाख तक के दावों के लिए मुफ़्त, ₹10 लाख तक के दावों के लिए ₹200, और ज़्यादा रकम पर बढ़ती जाती है। आप edaakhil.nic.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। तीन स्तर हैं: ज़िला आयोग (₹50 लाख तक), राज्य आयोग (₹50 लाख-2 करोड़), और राष्ट्रीय आयोग (₹2 करोड़ से ज़्यादा)। आपको बिल, वारंटी कार्ड, पत्राचार और खराबी के सबूत की कॉपी के साथ लिखित शिकायत देनी होगी। फ़ोरम आमतौर पर 3-5 महीने में फ़ैसला करता है। कोई कोर्ट फ़ीस या स्टांप पेपर नहीं चाहिए — सादा कागज़ काफ़ी है।
लागू कानून
- उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम — धारा 35 (शिकायत दर्ज करना)
- उपभोक्ता संरक्षण नियम