आपके अधिकार
क्या मुझे ज़मानत का अधिकार है?
छोटा जवाब
ज़मानती अपराधों में ज़मानत अधिकार है। गैर-ज़मानती में कोर्ट तय करता है।
मामले को समझें
ज़मानती अपराधों (छोटे अपराध) में ज़मानत आपका अधिकार है — पुलिस को ज़मानत देनी होगी। गैर-ज़मानती अपराधों (गंभीर अपराध) में ज़मानत अदालत के विवेक पर है। ज़रूरी: 'ज़मानत नियम है, जेल अपवाद' — सुप्रीम कोर्ट। अगर ज़मानती अपराध में पुलिस ज़मानत नहीं देती, तो आप अदालत जा सकते हैं। सभी अपराधों में, गिरफ़्तारी का डर होने पर आप गिरफ़्तारी से पहले अग्रिम ज़मानत के लिए आवेदन कर सकते हैं।
लागू कानून
- BNSS धारा 478 — ज़मानती अपराधों में ज़मानत (अधिकार)
- BNSS धारा 480 — गैर-ज़मानती अपराधों में ज़मानत
- BNSS धारा 482 — अग्रिम ज़मानत
- अनुच्छेद 21 — व्यक्तिगत स्वतंत्रता