← कानूनी धाराएं

Dowry Prohibition Act · 3

दहेज देने या लेने की सज़ा

गैर-ज़मानतीसंज्ञेय

मामले को समझें

भारत में दहेज देना और लेना दोनों गैरकानूनी है। दहेज देने, लेने या इसमें मदद करने वाले किसी भी व्यक्ति को सज़ा हो सकती है। इसमें शादी की शर्त के रूप में मांगी गई नक़दी, संपत्ति या क़ीमती उपहार शामिल हैं।

सज़ा

कम से कम 5 साल की क़ैद और Rs. 15,000 या दहेज की रक़म का जुर्माना (जो भी ज़्यादा हो)

उदाहरण

  • शादी के लिए दूल्हे का परिवार दहेज में Rs. 10 लाख और एक कार मांगता है। इस धारा के तहत दोनों परिवारों पर मुक़दमा चल सकता है।

धारा का मूल पाठ

If any person, after the commencement of this Act, gives or takes or abets the giving or taking of dowry, he shall be punishable with imprisonment for a term which shall not be less than five years, and with fine.