property
किरायेदार को निकालना
किरायेदार किराया नहीं दे रहा या मकान खाली नहीं कर रहा।
अभी यह करें
- 01किरायेदार को मकान खाली करने का लिखित नोटिस भेजें (रजिस्टर्ड पोस्ट से)
- 02उचित नोटिस अवधि दें (एग्रीमेंट के अनुसार या मासिक किरायेदारी में 15 दिन)
- 03बिजली, पानी न काटें और परिसर पर ताला न लगाएं — यह गैरकानूनी है
- 04ज़ोर-ज़बरदस्ती या धमकी का इस्तेमाल न करें
- 05अगर नोटिस के बाद भी किरायेदार मकान खाली न करे, तो अदालत में बेदखली का मुकदमा दायर करें
- 06बेदखली की कार्यवाही के लिए वकील से सलाह लें
- 07किराये के सभी भुगतानों और बातचीत का रिकॉर्ड रखें
कौन से सबूत इकट्ठा करें
- किराया एग्रीमेंट (अगर हो)
- किराये की रसीदें और भुगतान के रिकॉर्ड
- किरायेदार को भेजा गया नोटिस (डाक रसीद के साथ)
- बातचीत के रिकॉर्ड (मैसेज, ईमेल)
- संपत्ति की हालत की फ़ोटो
- पड़ोसियों के गवाह बयान
ज़रूरी दस्तावेज़
- किराया एग्रीमेंट
- संपत्ति के स्वामित्व के दस्तावेज़
- मकान खाली करने का नोटिस (डिलीवरी के सबूत के साथ कॉपी)
- किराया भुगतान के रिकॉर्ड
- प्रॉपर्टी टैक्स की रसीदें
- मकान मालिक का पहचान पत्र
शिकायत कहां करें
- किराया नियंत्रक / किराया अदालत
- दीवानी अदालत — बेदखली का मुकदमा
- पुलिस स्टेशन — नोटिस अवधि के बाद आपराधिक अतिचार होने पर
- मध्यस्थता केंद्र — आपसी समाधान के लिए
लागू कानून
- संपत्ति अंतरण अधिनियम — धारा 106 (लीज़ की समाप्ति)
- राज्य किराया नियंत्रण अधिनियम (राज्य के अनुसार अलग)
- BNS धारा 329 — आपराधिक अतिचार (अगर समाप्ति के बाद किरायेदार जाने से मना करे)
- दीवानी प्रक्रिया संहिता — बेदखली का मुकदमा
मामले को समझें
मकान मालिक के तौर पर आप किरायेदार को ज़बरदस्ती नहीं निकाल सकते — यह कानूनी प्रक्रिया से ही होना चाहिए। अगर किरायेदार किराया नहीं दे रहा या एग्रीमेंट की शर्तें तोड़ रहा है, तो पहले आपको कानूनी नोटिस देना होगा। अगर किरायेदार फिर भी मकान खाली करने से मना करे, तो आपको बेदखली का मुकदमा दायर करना होगा। बिजली, पानी काटना या किरायेदार को ताला लगाकर बाहर करना गैरकानूनी है।
वकील से कब मिलें
बेदखली का नोटिस भेजने से पहले वकील से सलाह लें, ताकि वह कानूनी रूप से वैध हो। अगर नोटिस के बाद किरायेदार मकान खाली करने से मना करे, तो बेदखली के मुकदमे के लिए वकील की ज़रूरत होगी।