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यौन उत्पीड़न / बलात्कार
आप या आपका कोई परिचित यौन उत्पीड़न या बलात्कार का शिकार हुआ है। तुरंत कदम उठाएं और शिकायत दर्ज करें।
अभी यह करें
- 01सुरक्षा सुनिश्चित करें — तुरंत किसी सुरक्षित जगह जाएं
- 02112 (पुलिस), 1091 (महिला पुलिस हेल्पलाइन) या 181 (महिला हेल्पलाइन) पर कॉल करें
- 03नहाएं नहीं, कपड़े न बदलें और न धोएं — फ़ॉरेंसिक सबूत सुरक्षित रखें
- 04मेडिकल जांच और इलाज के लिए नज़दीकी अस्पताल जाएं
- 05किसी भी पुलिस स्टेशन में ज़ीरो एफआईआर दर्ज कराएं — पुलिस मना नहीं कर सकती
- 06आपका बयान महिला अधिकारी को ही दर्ज करना होगा
- 07बयान के दौरान किसी सहयोगी व्यक्ति को साथ रखने का आपको अधिकार है
- 08कानून के तहत आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी
कौन से सबूत इकट्ठा करें
- मेडिकल जांच रिपोर्ट (MLC — मेडिको लीगल केस)
- हमले के दौरान पहने कपड़े (धोएं नहीं)
- आसपास की जगहों की CCTV फ़ुटेज
- आरोपी के कॉल रिकॉर्ड या मैसेज
- गवाहों के बयान
- चोटों की फ़ोटो
- DNA और फ़ॉरेंसिक सबूत (अस्पताल में लिए गए)
ज़रूरी दस्तावेज़
- एफआईआर की कॉपी
- मेडिकल जांच रिपोर्ट (MLC)
- BNSS धारा 183 के तहत दर्ज बयान (मजिस्ट्रेट के सामने)
- पीड़िता का पहचान पत्र
- अस्पताल में इलाज के रिकॉर्ड
- फ़ॉरेंसिक लैब रिपोर्ट
शिकायत कहां करें
- कोई भी पुलिस स्टेशन — ज़ीरो एफआईआर (लेना अनिवार्य)
- महिला पुलिस स्टेशन
- अस्पताल — MLC पंजीकरण
- राष्ट्रीय महिला आयोग — ncw.nic.in
- वन स्टॉप सेंटर (सखी सेंटर) — एकीकृत मदद के लिए
- CHILDLINE 1098 — अगर पीड़ित नाबालिग है
लागू कानून
- BNS धारा 63 — बलात्कार
- BNS धारा 64 — बलात्कार की सज़ा (कम से कम 10 साल का कठोर कारावास)
- BNS धारा 65 — 16 साल से कम उम्र की लड़की से बलात्कार (कड़ी सज़ा)
- BNS धारा 70 — सामूहिक बलात्कार
- POCSO एक्ट — धारा 3-10 (अगर पीड़ित नाबालिग है)
मामले को समझें
यौन हमला और बलात्कार भारत के सबसे गंभीर आपराधिक अपराधों में से हैं। BNS धारा 63 के तहत बलात्कार पर कम से कम 10 साल से लेकर उम्रकैद तक का कठोर कारावास हो सकता है। कानून के अनुसार पीड़िता का बयान महिला अधिकारी ही दर्ज करेगी। मेडिकल जांच 24 घंटे के भीतर होनी चाहिए। पीड़िता की पहचान उजागर नहीं की जा सकती। अगर पीड़ित नाबालिग है, तो POCSO एक्ट और सख्त सज़ा के साथ अतिरिक्त सुरक्षा देता है।
वकील से कब मिलें
यौन हमले के पीड़ितों के लिए DLSA (ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण) के ज़रिए मुफ़्त कानूनी सहायता उपलब्ध है। वकील सही जांच सुनिश्चित करने, पीड़ित मुआवज़ा योजना के तहत मुआवज़े के लिए आवेदन करने और अदालत में आपका प्रतिनिधित्व करने में मदद कर सकता है।