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labour

वेतन नहीं मिला

नियोक्ता ने आपका वेतन नहीं दिया या कम दिया है।

अभी यह करें
  1. 01बकाया सैलरी के लिए नियोक्ता को लिखित अनुरोध भेजें
  2. 02अपना नियुक्ति पत्र, सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट संभालकर रखें
  3. 03वकील के ज़रिए औपचारिक कानूनी नोटिस भेजें
  4. 04श्रम आयुक्त के पास शिकायत दर्ज करें
  5. 05SHRAM पोर्टल (shramsuvidha.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें
  6. 06अगर कंपनी पर PF बकाया है — EPFO में शिकायत दर्ज करें
  7. 07सब कुछ दस्तावेज़ों में दर्ज करने से पहले इस्तीफ़ा न दें
कौन से सबूत इकट्ठा करें
  1. नियुक्ति पत्र / ऑफ़र लेटर
  2. भुगतान का इतिहास दिखाने वाली सैलरी स्लिप
  3. छूटे हुए भुगतान दिखाने वाले बैंक स्टेटमेंट
  4. रोज़गार अनुबंध / एग्रीमेंट
  5. सैलरी के बारे में नियोक्ता से हुई बातचीत
  6. हाज़िरी के रिकॉर्ड
  7. PF और ESI योगदान के रिकॉर्ड
ज़रूरी दस्तावेज़
  1. श्रम आयुक्त को लिखित शिकायत
  2. नियुक्ति पत्र / कॉन्ट्रैक्ट
  3. सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट
  4. कानूनी नोटिस की कॉपी
  5. पहचान पत्र
  6. कंपनी के रजिस्ट्रेशन का विवरण
शिकायत कहां करें
  1. श्रम आयुक्त — वेतन की शिकायत
  2. SHRAM पोर्टल — shramsuvidha.gov.in
  3. EPFO — PF की शिकायतों के लिए (epfindia.gov.in)
  4. श्रम न्यायालय — विवादित दावों के लिए
  5. दीवानी अदालत — पैसे की वसूली का मुकदमा
  6. आपराधिक शिकायत — अगर नियोक्ता जानबूझकर वेतन रोकता है
लागू कानून
  1. वेतन संहिता — धारा 17 (वेतन का समय पर भुगतान)
  2. वेतन संहिता — धारा 3 (न्यूनतम वेतन)
  3. ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम — धारा 4
  4. औद्योगिक विवाद अधिनियम — धारा 33C (बकाया पैसे की वसूली)
  5. EPF अधिनियम — नियोक्ता को PF जमा करना होगा
मामले को समझें

भारतीय श्रम कानून के तहत नियोक्ता समय पर वेतन देने के लिए कानूनी रूप से बाध्य हैं। मासिक सैलरी अगले महीने की 7 तारीख तक देनी होगी। भुगतान न करना दंडनीय अपराध है। आप श्रम आयुक्त के पास शिकायत दर्ज कर सकते हैं और कानूनी रास्तों से बकाया वेतन वसूल सकते हैं।

वकील से कब मिलें

अगर 2 महीने से ज़्यादा समय से सैलरी नहीं मिली, नियोक्ता नौकरी से निकालने की धमकी दे रहा है, या आपको वसूली के लिए अदालत में केस करना है, तो वकील से सलाह लें।