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लापता व्यक्ति की शिकायत
आपका परिवार का सदस्य, बच्चा, या कोई जानने वाला लापता है और आपको शिकायत दर्ज करनी है। पहले 24 घंटे सबसे महत्वपूर्ण हैं।
अभी यह करें
- 01तुरंत नज़दीकी पुलिस स्टेशन जाकर गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराएं
- 02112 पर कॉल करें — पुलिस आपातकालीन हेल्पलाइन
- 03अगर गुमशुदा व्यक्ति बच्चा है, तो CHILDLINE 1098 से संपर्क करें
- 04आसपास के अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और आश्रय गृह में खोजें
- 05संपर्क विवरण के साथ हाल की फ़ोटो सोशल मीडिया पर डालें
- 06दूसरे शहरों के रिश्तेदारों और दोस्तों को नज़र रखने के लिए कहें
- 07आखिरी बार देखी गई जगह की CCTV फ़ुटेज जांचें
- 08ट्रैक मिसिंग चाइल्ड पोर्टल (khoyapaya.gov.in) पर रजिस्टर करें
कौन से सबूत इकट्ठा करें
- गुमशुदा व्यक्ति की हाल की फ़ोटो
- आखिरी बार देखी गई जगह, समय और पहने कपड़ों का विवरण
- मोबाइल फ़ोन नंबर और आखिरी कॉल रिकॉर्ड
- आसपास के इलाकों की CCTV फ़ुटेज
- दोस्तों, जान-पहचान वालों या हाल में संपर्क में आए लोगों का विवरण
- मेडिकल इतिहास (अगर कोई बीमारी है)
- आधार नंबर और दूसरी पहचान का विवरण
ज़रूरी दस्तावेज़
- गुमशुदगी की शिकायत (पुलिस स्टेशन पर लिखित)
- हाल की फ़ोटो (3-4 कॉपी)
- गुमशुदा व्यक्ति का आधार / पहचान पत्र
- शिकायतकर्ता का पहचान पत्र
- मोबाइल फ़ोन रिकॉर्ड (अगर उपलब्ध हों)
- मेडिकल रिकॉर्ड (अगर व्यक्ति को कोई बीमारी है)
शिकायत कहां करें
- नज़दीकी पुलिस स्टेशन — गुमशुदगी की शिकायत (ज़ीरो एफआईआर स्वीकार)
- पुलिस कंट्रोल रूम — 112
- CHILDLINE — 1098 (अगर बच्चा गुमशुदा है)
- गुमशुदा व्यक्ति ब्यूरो — राज्य स्तर का ब्यूरो
- ट्रैक मिसिंग चाइल्ड पोर्टल — khoyapaya.gov.in
- राष्ट्रीय महिला आयोग — 7827-170-170 (अगर महिला गुमशुदा है)
लागू कानून
- BNSS धारा 173 — पुलिस को सूचना (एफआईआर)
- BNS धारा 137 — वैध संरक्षकता से व्यपहरण
- BNS धारा 87 — शादी के लिए मजबूर करने हेतु महिला का व्यपहरण या अपहरण
- किशोर न्याय अधिनियम — धारा 2(14) (देखभाल और संरक्षण की ज़रूरत वाला बच्चा)
- सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश — गुमशुदगी की शिकायतों का अनिवार्य पंजीकरण
मामले को समझें
भारत में गुमशुदा व्यक्ति की रिपोर्ट करने के लिए कोई अनिवार्य इंतज़ार अवधि नहीं है। पुलिस को कानूनी रूप से तुरंत शिकायत दर्ज करनी होगी। अगर 18 साल से कम उम्र का बच्चा गुमशुदा है, तो जब तक कुछ और साबित न हो, मामले को BNS धारा 137 के तहत व्यपहरण माना जाना चाहिए। गुमशुदा व्यक्ति ब्यूरो, CHILDLINE (बच्चों के लिए) और राज्य स्तर की हेल्पलाइन गुमशुदा लोगों को खोजने में मदद करती हैं। अदालतों ने कहा है कि पुलिस गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करने से मना नहीं कर सकती।
वकील से कब मिलें
अगर पुलिस शिकायत दर्ज करने से मना करे, आपको व्यपहरण या किसी गड़बड़ी का शक हो, या हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करनी हो, तो वकील से सलाह लें।