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भरण-पोषण का दावा

आपको भरण-पोषण नहीं मिल रहा या भरण-पोषण का दावा करना है।

अभी यह करें
  1. 01अपने मासिक खर्च और आर्थिक ज़रूरतों का हिसाब लगाएं
  2. 02जीवनसाथी / प्रतिवादी की आय का सबूत जुटाएं
  3. 03मजिस्ट्रेट कोर्ट में BNSS धारा 144 के तहत आवेदन दायर करें
  4. 04अंतरिम भरण-पोषण के लिए — HMA की धारा 24 के तहत आवेदन करें
  5. 05घरेलू हिंसा के मामलों में — DV एक्ट के तहत आवेदन दायर करें
  6. 06बुज़ुर्ग माता-पिता — अपने ज़िले के भरण-पोषण न्यायाधिकरण में आवेदन करें
  7. 07वकील का खर्च न उठा सकें तो कानूनी सहायता लें (DLSA)
कौन से सबूत इकट्ठा करें
  1. विवाह प्रमाण पत्र
  2. जीवनसाथी की आय का सबूत (सैलरी स्लिप, ITR, बैंक स्टेटमेंट)
  3. आपके मासिक खर्च का विवरण
  4. बच्चों की स्कूल फ़ीस, इलाज का खर्च
  5. शादी के दौरान जीवन स्तर का सबूत
  6. जीवनसाथी की संपत्ति के दस्तावेज़
  7. कोई भी मौजूदा समझौता या अदालती आदेश
ज़रूरी दस्तावेज़
  1. भरण-पोषण आवेदन / याचिका
  2. विवाह प्रमाण पत्र
  3. प्रतिवादी की आय का सबूत
  4. खर्च का ब्योरा
  5. बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र
  6. मेडिकल रिकॉर्ड (अगर स्वास्थ्य समस्याएं हैं)
  7. पहचान पत्र और पते का सबूत
शिकायत कहां करें
  1. फ़ैमिली कोर्ट — तलाक के दौरान/बाद भरण-पोषण के लिए
  2. मजिस्ट्रेट कोर्ट — BNSS धारा 144 के तहत
  3. भरण-पोषण न्यायाधिकरण — वरिष्ठ नागरिकों के लिए
  4. ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण — मुफ़्त कानूनी सहायता के लिए
  5. संरक्षण अधिकारी — DV एक्ट के मामलों के लिए
लागू कानून
  1. BNSS धारा 144 — पत्नी, बच्चों और माता-पिता का भरण-पोषण
  2. हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण अधिनियम — धारा 18 (पत्नी का भरण-पोषण)
  3. हिंदू विवाह अधिनियम — धारा 24 (अंतरिम भरण-पोषण)
  4. हिंदू विवाह अधिनियम — धारा 25 (स्थायी गुज़ारा भत्ता)
  5. घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम — धारा 20
  6. माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007
मामले को समझें

भारतीय कानून पत्नियों, बच्चों और बुज़ुर्ग माता-पिता को भरण-पोषण का अधिकार देता है। BNSS धारा 144 (पहले CrPC 125) के तहत, जो व्यक्ति अपना भरण-पोषण खुद नहीं कर सकता, वह पर्याप्त साधन वाले जीवनसाथी या परिवार के सदस्य से भरण-पोषण मांग सकता है। हिंदू पत्नियां हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण अधिनियम के तहत भी दावा कर सकती हैं। घरेलू हिंसा अधिनियम निवास का अधिकार और आर्थिक राहत देता है। बुज़ुर्ग माता-पिता माता-पिता भरण-पोषण अधिनियम के तहत दावा कर सकते हैं।

वकील से कब मिलें

सही भरण-पोषण राशि तय करने, आवेदन के लिए सही मंच चुनने, और जहां जीवनसाथी आय या भुगतान करने की क्षमता पर विवाद करे, ऐसे मामलों को संभालने के लिए वकील से सलाह लें।