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दहेज उत्पीड़न / 498A
आपके पति या ससुराल वाले दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे हैं — पैसे, उपहार, या संपत्ति की माँग कर रहे हैं।
अभी यह करें
- 01अगर तुरंत खतरा है, तो 112 या महिला हेल्पलाइन 181 पर कॉल करें
- 02नज़दीकी महिला पुलिस स्टेशन या सामान्य पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करें
- 03NCW हेल्पलाइन 7827-170-170 पर कॉल करें
- 04शारीरिक चोट लगी हो तो मेडिकल जांच रिपोर्ट लें
- 05घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत संरक्षण आदेश के लिए आवेदन करें
- 06दहेज की मांग के सभी सबूत (मैसेज, रिकॉर्डिंग, गवाहों के बयान) संभालकर रखें
- 07मजिस्ट्रेट के ज़रिए DV एक्ट के तहत संरक्षण अधिकारी से संपर्क करें
- 08अगर तुरंत सुरक्षित रहने की जगह चाहिए, तो महिला आश्रय गृह से संपर्क करें
कौन से सबूत इकट्ठा करें
- दहेज की मांग वाले मैसेज, WhatsApp चैट या रिकॉर्डिंग
- शादी के समय दिए गए दहेज के सामान की सूची
- चोटों की मेडिकल रिपोर्ट
- चोटों या संपत्ति के नुकसान की फ़ोटो
- पड़ोसियों, रिश्तेदारों या दोस्तों के गवाह बयान
- ससुराल वालों को पैसे ट्रांसफ़र दिखाने वाले बैंक स्टेटमेंट
- दिए गए तोहफ़े दिखाने वाली शादी की फ़ोटो और वीडियो
ज़रूरी दस्तावेज़
- एफआईआर या NCR की कॉपी
- मेडिकल जांच रिपोर्ट
- विवाह प्रमाण पत्र
- दहेज के सामान (स्त्रीधन) की सूची
- उत्पीड़न के सबूत (मैसेज, फ़ोटो)
- पहचान पत्र (आधार, वोटर ID)
शिकायत कहां करें
- महिला पुलिस स्टेशन — BNS 85 के तहत एफआईआर
- कोई भी पुलिस स्टेशन — ज़ीरो एफआईआर (कहीं भी दर्ज की जा सकती है)
- संरक्षण अधिकारी — घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत
- मजिस्ट्रेट कोर्ट — DV एक्ट धारा 12 के तहत आवेदन
- राष्ट्रीय महिला आयोग — ncw.nic.in
- राज्य महिला आयोग
लागू कानून
- BNS धारा 85 — पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता
- BNS धारा 80 — दहेज मृत्यु
- दहेज निषेध अधिनियम — धारा 3 (दहेज देने/लेने पर दंड)
- दहेज निषेध अधिनियम — धारा 4 (दहेज मांगने पर दंड)
- घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम — धारा 12 (संरक्षण आदेश)
मामले को समझें
भारत में दहेज उत्पीड़न गंभीर आपराधिक अपराध है। BNS धारा 85 के तहत पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता पर 3 साल तक की जेल हो सकती है। अगर शादी के 7 साल के भीतर दहेज से जुड़ी संदिग्ध परिस्थितियों में महिला की मौत होती है, तो इसे BNS धारा 80 के तहत दहेज मृत्यु माना जाता है (उम्रकैद तक की सज़ा)। दहेज निषेध अधिनियम दहेज देने, लेने या मांगने को दंडनीय बनाता है। पीड़ित घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत सुरक्षा मांग सकती हैं।
वकील से कब मिलें
कई कानूनों के तहत एक साथ केस दायर करने के लिए तुरंत वकील से सलाह लें — BNS 85 (आपराधिक), DV एक्ट (संरक्षण आदेश) और दहेज निषेध अधिनियम। वकील भरण-पोषण और निवास के अधिकार दिलाने में भी मदद कर सकता है।