सभी गाइड

labour

घरेलू कामगार अधिकार

घरेलू कामगार के रूप में आपके अधिकार — वेतन, छुट्टी, काम के घंटे, और शोषण से सुरक्षा।

अभी यह करें
  1. 01अगर दुर्व्यवहार हो रहा है — 112 (पुलिस) या महिला हेल्पलाइन 181 पर कॉल करें
  2. 02अपने राज्य में घरेलू कामगारों का न्यूनतम वेतन जांचें
  3. 03नियोक्ता से लिखित रोज़गार एग्रीमेंट मांगें
  4. 04अगर वेतन नहीं मिला — श्रम आयुक्त के पास शिकायत दर्ज करें
  5. 05अगर यौन उत्पीड़न हुआ — स्थानीय शिकायत समिति में शिकायत दर्ज करें
  6. 06मदद के लिए घरेलू कामगार यूनियनों या NGO से संपर्क करें
  7. 07अगर आप नाबालिग घरेलू कामगार हैं — यह गैरकानूनी बाल मज़दूरी है, अधिकारियों को रिपोर्ट करें
कौन से सबूत इकट्ठा करें
  1. भुगतान के रिकॉर्ड — UPI ट्रांसफ़र, रसीदें, बैंक जमा
  2. काम का समय और काम किए घंटे
  3. लिखित या मौखिक समझौते का विवरण
  4. वेतन के बारे में नियोक्ता से हुए मैसेज या बातचीत
  5. शारीरिक दुर्व्यवहार होने पर मेडिकल रिपोर्ट
  6. दूसरे घरेलू कामगारों या पड़ोसियों के गवाह बयान
  7. रहने की स्थिति की फ़ोटो (अगर घर में ही रहकर काम करते हैं)
ज़रूरी दस्तावेज़
  1. श्रम आयुक्त को शिकायत
  2. रोज़गार एग्रीमेंट (अगर हो)
  3. वेतन भुगतान के रिकॉर्ड
  4. पहचान पत्र (आधार/वोटर ID)
  5. मेडिकल रिपोर्ट (अगर लागू हो)
  6. पुलिस शिकायत की कॉपी (अगर दुर्व्यवहार शामिल है)
शिकायत कहां करें
  1. श्रम आयुक्त — वेतन विवादों के लिए
  2. पुलिस स्टेशन — दुर्व्यवहार, मारपीट या बंधुआ मज़दूरी के लिए
  3. स्थानीय शिकायत समिति — यौन उत्पीड़न के लिए
  4. महिला हेल्पलाइन — 181
  5. राष्ट्रीय महिला आयोग — ncw.nic.in
  6. CHILDLINE — 1098 (अगर कामगार नाबालिग है)
लागू कानून
  1. न्यूनतम वेतन अधिनियम — कई राज्यों में घरेलू कामगारों पर लागू
  2. कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम, 2013 — घरेलू कामगार भी शामिल
  3. BNS धारा 115 — जानबूझकर चोट पहुंचाना
  4. BNS धारा 146 — गैरकानूनी जबरन मज़दूरी
  5. राज्य घरेलू कामगार कल्याण अधिनियम (महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु आदि)
मामले को समझें

भारत में घरेलू कामगार राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित न्यूनतम वेतन के हकदार हैं। कई राज्यों ने घरेलू काम को न्यूनतम वेतन अधिनियम में शामिल किया है। घरेलू कामगारों को शारीरिक, यौन और भावनात्मक दुर्व्यवहार से भी सुरक्षा है। कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम घरेलू कामगारों पर भी लागू होता है। कुछ राज्यों ने घरेलू कामगारों के कल्याण के लिए खास कानून बनाए हैं। 2023 तक, कई राज्यों में नियोक्ताओं और घरेलू कामगारों के बीच लिखित एग्रीमेंट ज़रूरी है।

वकील से कब मिलें

अगर आपको वेतन नहीं दिया जा रहा, दुर्व्यवहार हो रहा है, या नियोक्ता धमका रहा है, तो वकील से सलाह लें या घरेलू कामगार यूनियन से संपर्क करें। DLSA के ज़रिए मुफ़्त कानूनी सहायता उपलब्ध है।