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उपभोक्ता शिकायत

आपने कोई सामान या सेवा खरीदी जो खराब निकली या धोखाधड़ी हुई।

अभी यह करें
  1. 01सामान और पूरी पैकेजिंग संभालकर रखें — बिना दस्तावेज़ के सामान वापस न करें
  2. 02शिकायत के विवरण के साथ कंपनी के कस्टमर केयर को लिखें
  3. 03बिल, रसीदें और वारंटी कार्ड की कॉपी रखें
  4. 04अगर 15 दिनों में जवाब न मिले, तो कानूनी नोटिस भेजें
  5. 05राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करें: 1915
  6. 06edaakhil.nic.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें
  7. 07ई-कॉमर्स के मामले में — कंपनी के शिकायत पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करें
कौन से सबूत इकट्ठा करें
  1. खरीद का बिल / इनवॉइस / रसीद
  2. वारंटी कार्ड (अगर लागू हो)
  3. खराब सामान की फ़ोटो/वीडियो
  4. कंपनी के साथ हुई बातचीत (ईमेल, चैट का रिकॉर्ड)
  5. भुगतान का सबूत
  6. खराबी पर विशेषज्ञ की राय (अगर उपलब्ध हो)
ज़रूरी दस्तावेज़
  1. उपभोक्ता शिकायत फ़ॉर्म
  2. खरीद का बिल / इनवॉइस
  3. वारंटी कार्ड
  4. खराब सामान की फ़ोटो
  5. कंपनी के साथ हुई बातचीत
  6. पहचान पत्र और पते का सबूत
शिकायत कहां करें
  1. राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन — 1915
  2. ई-दाखिल पोर्टल — edaakhil.nic.in (ऑनलाइन शिकायत)
  3. ज़िला उपभोक्ता आयोग — Rs. 50 लाख तक
  4. राज्य उपभोक्ता आयोग — Rs. 50 लाख-2 करोड़
  5. राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग — Rs. 2 करोड़ से ज़्यादा
  6. कंपनी का शिकायत अधिकारी
लागू कानून
  1. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 — धारा 2(9) (उपभोक्ता अधिकार)
  2. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम — धारा 35 (शिकायत दर्ज करना)
  3. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम — धारा 84 (उत्पाद दायित्व)
  4. उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020
  5. विधिक माप विज्ञान अधिनियम — गलत नाप-तौल के लिए
मामले को समझें

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम आपको 6 बुनियादी अधिकार देता है: सुरक्षा, जानकारी, चुनाव, सुनवाई, निवारण और शिक्षा। अगर आपको खराब सामान, भ्रामक विज्ञापन या कमी वाली सेवा मिलती है, तो आप उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायतें edaakhil.nic.in पर ऑनलाइन दर्ज की जा सकती हैं। आप रिफ़ंड, सामान बदलने या मुआवज़े का दावा कर सकते हैं।

वकील से कब मिलें

आप बिना वकील के खुद उपभोक्ता शिकायत दर्ज कर सकते हैं। अगर दावे की रकम बड़ी है, कंपनी मुकदमा लड़ रही है, या आपको अपील करनी है, तो वकील से सलाह लें।