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बिज़नेस पार्टनर ने धोखा दिया / धोखाधड़ी
आपके व्यापार साझेदार ने धोखा किया — पैसा गबन किया, हिसाब में हेराफेरी की, या पैसा लेकर भाग गया।
अभी यह करें
- 01पार्टनरशिप के सभी दस्तावेज़ (डीड, बैंक स्टेटमेंट, खाते) इकट्ठा करके सुरक्षित रखें
- 02तुरंत कंपनी के बैंक खाते के स्टेटमेंट की प्रमाणित कॉपी लें
- 03पार्टनर के डिलीट करने से पहले सभी डिजिटल वित्तीय रिकॉर्ड का स्क्रीनशॉट लें या डाउनलोड करें
- 04सभी लेन-देन का हिसाब मांगते हुए पार्टनर को कानूनी नोटिस भेजें
- 05पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात की एफआईआर दर्ज करें
- 06अगर पार्टनर फ़रार है, तो पार्टनरशिप की संपत्ति फ़्रीज़ करने के लिए अदालत से निषेधाज्ञा मांगें
- 07पार्टनरशिप विवादों में अनुभवी वाणिज्यिक वकील से सलाह लें
कौन से सबूत इकट्ठा करें
- पार्टनरशिप डीड (रजिस्टर्ड या बिना रजिस्टर्ड)
- पार्टनरशिप/फ़र्म खातों के बैंक स्टेटमेंट
- रसीदें, इनवॉइस और वित्तीय खाता-बही
- धोखाधड़ी या स्वीकारोक्ति दिखाने वाली बातचीत (WhatsApp, ईमेल)
- संयुक्त रूप से दाखिल टैक्स रिटर्न
- आपकी पूंजी लगाने को दिखाने वाली निवेश रसीदें
- कर्मचारियों, अकाउंटेंट या क्लाइंट के गवाह बयान
ज़रूरी दस्तावेज़
- पार्टनरशिप डीड की कॉपी
- एफआईआर की कॉपी
- फ़र्म खाते के बैंक स्टेटमेंट
- पार्टनर को भेजा गया कानूनी नोटिस
- टैक्स रिटर्न और ITR
- पहचान पत्र (आधार/PAN)
- कोई भी लिखित एग्रीमेंट या MoU
शिकायत कहां करें
- नज़दीकी पुलिस स्टेशन — धोखाधड़ी और विश्वासघात की एफआईआर
- दीवानी अदालत — भंग करने और हिसाब के लिए मुकदमा
- दीवानी अदालत — बकाया पैसे की वसूली का मुकदमा
- मध्यस्थता/आर्बिट्रेशन (अगर पार्टनरशिप डीड में आर्बिट्रेशन क्लॉज़ है)
- आर्थिक अपराध शाखा — बड़े पैमाने की धोखाधड़ी के लिए
लागू कानून
- भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 — धारा 9, 12-15 (पार्टनरों के कर्तव्य)
- भारतीय भागीदारी अधिनियम — धारा 44 (अदालत द्वारा भंग)
- BNS धारा 316 — आपराधिक विश्वासघात
- BNS धारा 318 — धोखाधड़ी
- BNS धारा 319 — प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी
- भारतीय संविदा अधिनियम — धारा 10, 73 (अनुबंध तोड़ने पर हर्जाना)
मामले को समझें
भारत में बिज़नेस पार्टनर की धोखाधड़ी आम है, खासकर बिना रजिस्टर्ड फ़र्मों में। भारतीय भागीदारी अधिनियम के तहत, पार्टनर एक-दूसरे के प्रति भरोसे की ज़िम्मेदारी निभाने के लिए बाध्य हैं। पार्टनर द्वारा गबन BNS (आपराधिक विश्वासघात) के तहत दंडनीय है। अगर आपके पास पार्टनरशिप डीड है, तो आपकी कानूनी स्थिति मज़बूत होती है। आप आपराधिक कार्रवाई (धोखाधड़ी/विश्वासघात की एफआईआर) और दीवानी वसूली (पैसे का मुकदमा या आर्बिट्रेशन), दोनों कर सकते हैं।
वकील से कब मिलें
तुरंत वकील से सलाह लें। पार्टनरशिप धोखाधड़ी के मामलों में आपराधिक और दीवानी, दोनों उपाय होते हैं। वकील एफआईआर दर्ज कराने, निषेधाज्ञा दिलाने और वसूली की कार्यवाही शुरू करने में मदद कर सकता है।