8 चीज़ें
साइबर धोखाधड़ी / ऑनलाइन स्कैम के लिए सबूत
- धोखाधड़ी वाले मैसेज या ईमेल के स्क्रीनशॉटज़रूरीठग के फ़िशिंग ईमेल, SMS, WhatsApp मैसेज या सोशल मीडिया मैसेज के पूरे स्क्रीनशॉट लें, जिनमें समय साफ़ दिखे
- बैंक/UPI लेन-देन के रिकॉर्डज़रूरीधोखाधड़ी से कटे पैसे दिखाने वाले बैंक स्टेटमेंट, UPI लेन-देन हिस्ट्री या वॉलेट लेन-देन का विवरण डाउनलोड करके सहेजें
- एफआईआर की कॉपी या साइबर क्राइम शिकायत की रसीदज़रूरीस्थानीय पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करें और/या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें — पावती नंबर संभालकर रखें
- ठग का संपर्क विवरणठग का फ़ोन नंबर, ईमेल पता, UPI ID, बैंक खाता नंबर या सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल सहेजें
- ठग के साथ हुई कॉल की रिकॉर्डिंगअगर आपने ठग के साथ कोई फ़ोन कॉल रिकॉर्ड की है, तो तारीख और समय लिखकर ऑडियो फ़ाइलें सहेजें
- वेबसाइट या ऐप के स्क्रीनशॉटधोखाधड़ी में इस्तेमाल हुई नकली वेबसाइट, ऐप या ऑनलाइन स्टोर का स्क्रीनशॉट लें, जिसमें URL और पेज की सामग्री दिखे
- बैंक शिकायत का रेफ़रेंस नंबरअपने बैंक के धोखाधड़ी विभाग को रिपोर्ट करें और शिकायत का रेफ़रेंस नंबर और कोई भी लिखित पावती संभालकर रखें
- 1930 हेल्पलाइन की शिकायत संख्याराष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और मिली शिकायत/टिकट संख्या नोट करें
सावधान रहें
- पैसा वापस मिलने की सबसे अच्छी संभावना के लिए 24 घंटे के भीतर 1930 हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करें।
- कोई संदेश या कॉल रिकॉर्ड डिलीट न करें — ये सबूत हैं।
- स्कैम का पता चलने के बाद धोखेबाज़ से कोई बातचीत न करें।
- cybercrime.gov.in पर और स्थानीय पुलिस में भी शिकायत दर्ज करें।